समुद्र मंथन — सागर का मंथन
दुर्वासा का शाप, कूर्म की पीठ पर मंदराचल, शिव के कंठ में हलाहल विष, चौदह रत्न, कुंभ लिए प्रकट होते धन्वंतरि, मोहिनी का न्याय, राहु-केतु का जन्म — और वे चार बूंदें जिन्होंने चार नगरों को शाश्वत बना दिया।
पूरी कथा पढ़ेंप्रामाणिक पुराण कथाएं, जीवंत परंपरा, और पवित्र का विज्ञान — कुंभ पर विश्व के सबसे गहन पुस्तकालय की ओर हर सप्ताह बढ़ता हुआ।
दुर्वासा का शाप, कूर्म की पीठ पर मंदराचल, शिव के कंठ में हलाहल विष, चौदह रत्न, कुंभ लिए प्रकट होते धन्वंतरि, मोहिनी का न्याय, राहु-केतु का जन्म — और वे चार बूंदें जिन्होंने चार नगरों को शाश्वत बना दिया।
पूरी कथा पढ़ेंकुछ विशेष उषाकाल नदी के जल को अमृत में क्यों बदल देते हैं, संन्यासी पहले स्नान क्यों करते हैं, तीर्थयात्री संकल्प, तर्पण और दान के साथ स्नान कैसे करे — और वह भीतरी स्नान जो ऋषियों ने वास्तव में बताया।
स्नान को समझेंआदि शंकराचार्य की संन्यासी सेनाओं से लेकर आज की अखाड़ा परिषद तक — वह दीक्षा जिसमें साधक अपना ही अंतिम संस्कार करता है, घाट का क्रम, और मेले के भस्म-रमे सम्राटों से कैसे मिलें।
अखाड़ों से मिलेंगुरु का बारह वर्षीय चक्र, वे संक्रांतियां और अमावस्याएं जो प्रत्येक स्नान निश्चित करती हैं, नासिक और उज्जैन युग्म में क्यों आते हैं, 144 वर्ष का महाकुंभ — एकमात्र उत्सव जिसका पंचांग ग्रह लिखते हैं।
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